5 महीने की उम्र में मेरे बच्चे को क्या करना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Wed 8th Mar 2023 : 14:28

आपका शिशु अब खुद को काफी बेहतर तरीके से अभिव्यक्त कर सकता है। वह आपको गले लगाकर अपना प्यार जताएगा और गोद में आने के लिए वह अपनी बाजुओं को ऊपर उठा लेगा। जब आप मजाकिया चेहरा बनाएं या आवाजें निकालें, तो शायद वह हंस भी सकता है।

मस्तिष्क विकास

अधिक उत्सुक और समझदार होना- पांचवें महीने में बच्चा तेजी से चीजों को समझना शुरू कर देता है। वह किसी भी चीज या खिलौने के प्रति अपनी उत्सुकता को व्यक्त करता है। इसके अलावा, वह यह समझने लगता है कि आप ही वह व्यक्ति हैं, जो बार-बार उसके पास आते हैं।

विचलित होना – पांचवें महीने में बच्चे अचानक से आई तेज आवाज या फिर किसी चीज के हलचल से विचलित या फिर सचेत हो सकते हैं। ऐसे में या तो वो डरकर रोने लगते हैं या फिर खुश हो सकते हैं।

रंगों में अंतर करना – इतने माह के शिशु रंगों में अंतर करना या अपने पसंद के रंगों के प्रति आकर्षित होना सीखने लगते हैं, लेकिन पूरी तरह से सक्षम नहीं होते हैं।

भाषा में विकास होना – इस उम्र के शिशु में भाषा का विकास नजर आने लगता है। वो खिलौने आदि से ‘प’ और ‘ड’ जैसे शब्दों के जरिए बात करने की कोशिश करते हैं।

शारीरिक विकास

हाथों में नियंत्रण – 5 माह के शिशु अपने हाथों से पैर की उंगलियों को पकड़ने की कोशिश करते हैं। साथ ही खिलौनों को भी पकड़ने का प्रयास करते हैं।

टमी टाइम – इस माह में शिशु हाथों पर अपने वजन को संभालना सीखने लगते हैं। टमी टाइम यानी पेट के बल लेटाने पर वो हाथों के बल पर अपने शरीर को ऊपर उठाने का प्रयास करते हैं।

गर्दन को संभालना – वैसे शिशु 2-3 महीने में अपनी गर्दन को भी संभालना सीखने लगते हैं, लेकिन 5वें महीने तक आते-आते इसमें काफी सुधार हो जाता है। वो हाथों पर नियंत्रण कर आसानी से पलट सकते हैं और अपनी गर्दन को ऊपर भी उठा सकते हैं।

बैठने का प्रयास करना- 5 माह के शिशु का शारीरिक विकास इतना हो जाता है कि वो बैठने का प्रयास करने लगते हैं। इस दौरान वह बिना सहारे के सिर्फ कुछ सेकंड के लिए बैठ सकते हैं।

एक दिशा में लुढ़कना – अब पलटी मारना सीख जाते हैं। जब उसे पेट के बल लेटाया जाता है, तो वो पलटी मार सकते है।

स्वाद का अहसास – पांचवे महीने तक के बच्चों को ब्रेस्ट मिल्क से ही पोषक तत्वों की पूर्ती होती है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, जन्म के बाद से शिशु स्वाद के प्रति सजग हो जाते हैं। वह स्तनपान के दौरान स्वाद का अंतर समझने लगते हैं। साथ ही मां के दूध की गंध को भी अच्छी तरह से पहचान सकते हैं। पांच माह के शिशु को सिर्फ स्तनपान कराया जाता है, इसलिए वो उन्हें दूध के अलावा किसी और स्वाद का पता नहीं होता।

सामाजिक और भावनात्मक विकास

परिचित चेहरों की पहचान – पांचवें महीने में शिशु उन चेहरों को पहचानने लगता है, जो ज्यादातर उसके आसपास रहते हैं।

माता-पिता के साथ खेलना – शिशु को अपने माता पिता के साथ खेलना अच्छा लगता है। वह अपने हाथ और पैरों को तेजी से चलाते हुए अपनी खुशी को जताते हैं।

भावनाओं को व्यक्त करना- जब कोई परिचित व्यक्ति उनसे आकर बात करता है, तो वो अपनी भावना को अपने चेहरे के हाव-भाव के जरिए व्यक्त करते हैं। वह अपने हाथों को हिलाकर भी अपनी भावना को व्यक्त करते हैं।

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